Israel US Attack on Iran Live Update: अमेरिका-इजरायल की ईरान पर कार्रवाई और फिर ईरान की तरफ से जवाबी एक्शन से पूरा Middle-East Asia तनाव की जद में है। इस बीच, ईरान के पड़ोसी इराक की राजधानी बगदाद में लोगों ने इजरायल और अमेरिका की कार्रवाई के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपने हाथ में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, पूर्व हिज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह और दिवंगत ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के पोस्टर लिए दिखाई दिए।
वहीं, इजरायल के PM Benjamin Netanyahu ने दावा किया कि हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के मारे जाने की संभावना है। इसका संकेत मिल रहा है। साथ ही, उन्होंने ये भी कहा कि हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा। ये जंग शांति के लिए लड़ी जा रही है। जेरुशलम पोस्ट ने तो अली खामेनेई की बॉडी मिलने का दावा भी किया है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि इन हमलों ने ईरान के मामलों में अमेरिकी दखल के एक चौंकाने वाले नए चैप्टर की शुरुआत कर दी है। यह पिछले 8 महीने में दूसरी बार है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी अधिकारी का दावा है कि हमलों में जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उनमें ईरान के नेतृत्व के सदस्य शामिल हैं। हालांकि, हमला कितना सफल रहा, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
वहीं, भारत के कई लोग दुबई एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। ईरान की तरफ से जवाबी हमलों के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें रद्द कर दी गई थीं और इसी वजह से एयरपोर्ट पर भारी भीड़ जमा है। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजरायल, ईरान, UAE, कतर, बहरीन और कुवैत के विदेश मंत्रियों से बात करके संवाद और कूटनीति के जरिए मसले का हल ढूंढने के आह्वान की बात को दोहराया है। यहां पढ़ें मध्य-पूर्व में तनाव का एक-एक अपडेट।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी का कहना है कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से खड़ा कर रहा था। ईरान पिछले साल हुए हमलों में तबाह हुए अपने परमाणु कार्यक्रम के इन्फ्रास्ट्रक्चर का पुनर्निर्माण कर रहा था। खुफिया जानकारी से यह भी पता चला कि ईरान ने उच्च गुणवत्ता वाले सेंट्रीफ्यूज बनाने की क्षमता विकसित कर ली है, जो हथियारों के लिए जरूरी अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
ट्रंप प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि ईरान की पारंपरिक मिसाइल क्षमता अमेरिका के लिए खतरा है। तेहरान की तरफ से किए गए हमलों से यह सच सामने आ चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कांग्रेस के टॉप नेताओं को इसकी जानकारी दी थी।
इराक की राजधानी बगदाद में सैकड़ों लोगों ने ईरान के सपोर्ट में और इजरायल-अमेरिका की तरफ से किए गए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, दिवंगत ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और पूर्व हिज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह के पोस्टर लिए हुए नजर आए।
ईरान की तरफ से मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले हवाई हमले के सायरन बजने पर लोग अंडरग्राउंड पार्किंग गैरेज में शरण लेते नजर आए। इजरायल में बड़ी संख्या लोग बंकर में शरण लिए हुए हैं। जान बचाने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों पर जमे हुए हैं।
गाजा में सहायता पहुंचाने के लिए जिम्मेदार इजरायली एजेंसी ने कहा कि उसने फिलिस्तीनी क्षेत्र में प्रवेश के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। इस कदम से सहायता सामग्री और मानवीय सहायता कर्मियों की एंट्री पूरी तरह से रुक गई है। ईरान के साथ चल रहे मिसाइल युद्ध की वजह से सुरक्षा कारणों से ये रास्ते बंद किए गए हैं।
इजरायल पुलिस ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ मिसाइल हमलों की आशंकाओं की वजह से रमजान के दौरान डोम ऑफ द रॉक परिसर बंद रखा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, यरुशलम के पुराने शहर में सभी धार्मिक स्थल बंद हैं। इजराइली सेना ने पूरे देश में अलर्ट का लेवल बढ़ा दिया है। सार्वजनिक जगहों पर सभी तरह की सभाओं को रद्द कर दिया है। स्कूल और कई ऑफिस भी बंद हैं।
अमेरिका में विपक्ष की नेता और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रह चुकीं कमला हैरिस ने पोस्ट किया, 'डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका को एक ऐसे युद्ध में घसीट रहे हैं जिसको अमेरिका की जनता नहीं चाहती है। मैं साफ कर देना चाहती हूं कि मैं ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए छेड़ी गई जंग के खिलाफ हूं, और ट्रंप की इस मनचाही जंग के लिए अमेरिका के सैनिकों को खतरे में डाला जा रहा है।'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए अटैक के बाद सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं और NATO के महासचिव मार्क रुट्टे से बात की। हालांकि, ट्रंप ने अभी तक इन अटैक के बारे में आम जनता को विस्तार से नहीं बताया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC को लेटर लिखकर 'अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के इस उल्लंघन के जवाब में तत्काल कार्रवाई करने' की अपील की। माना जा रहा है कि UNSC इसको लेकर एक आपातकालीन बैठक आयोजित कर सकता है। अराघची ने दोहराया कि ईरान सभी जरूरी साधनों से जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के अटैक से पहले फ्रांस को न तो चेतावनी दी गई और ना ही वह इसमें शामिल था। मैक्रों ने शनिवार शाम को राष्ट्रपति भवन में आयोजित आपातकालीन सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये बातें बताईं। उन्होंने बातचीत के जरिए हल निकालने के गहन प्रयास का आह्वान किया।
इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमारा ऑपरेशन जारी रहेगा। ये जंग शांति के लिए है। इजरायली अटैक में IRGC के कई अड्डे तबाह हो गए हैं। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने की संभावना है।
यमन में हूती विद्रोहियों के नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की तरफ से इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी हितों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के बाद वे 'किसी भी जरूरी घटनाक्रम' के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'इस्लामिक गणराज्य ईरान अमेरिकी-इजरायली-जायोनी अत्याचार के खिलाफ पूरे इस्लामी राष्ट्र की लड़ाई लड़ रहा है।'
इजरायली सेना का कहना है कि ईरान पर शनिवार दोपहर हुए शुरुआती हमले में करीब 200 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। इस अटैक में एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर्स समेत लगभग 500 ठिकानों को ईरान में निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने आगे कहा कि यह उसके वायुसेना के इतिहास में सबसे बड़ा सैन्य हवाई हमला था।
ईरान के सरकारी टीवी ने 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर दी है। ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित बयानों के मुताबिक, ईरान भर में इजरायल-अमेरिका की एयरस्ट्राइक में 201 लोग मारे गए और 747 घायल हो गए हैं। रेड क्रिसेंट के प्रवक्ता बोले कि ये हमले ईरान के 31 प्रांतों में से 24 में हुए। राहत कार्य जारी है। हमलों से निपटने के लिए 220 टीमें अलग-अलग जगहों पर तैनात की गई हैं।
ईरान के सरकारी टीवी ने 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर दी है। ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित बयानों के मुताबिक, ईरान भर में इजरायल-अमेरिका की एयरस्ट्राइक में 201 लोग मारे गए और 747 घायल हो गए हैं। रेड क्रिसेंट के प्रवक्ता बोले कि ये हमले ईरान के 31 प्रांतों में से 24 में हुए। राहत कार्य जारी है। हमलों से निपटने के लिए 220 टीमें अलग-अलग जगहों पर तैनात की गई हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि आज शाम कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी से बात की। कतर की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही, भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर उनके आश्वासन की सराहना की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, 'आज शाम मैंने यूएई के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल-नाहयान से खाड़ी में पैदा हो रहे हालात पर चर्चा की। भारत इस बिगड़ते हालात से चिंतित है। भारतीय समुदाय की भलाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की हम तारीफ करते हैं।
ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में इजरायल और अमेरिका के हमलों में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं। लामर्द के गवर्नर अली अलीजादेह के हवाले से बताया गया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।अलीजादेह ने कहा कि हमले चार जगहों पर हुए, जिनमें एक खेल हॉल, दो आवासीय क्षेत्र और एक स्कूल के पास स्थित हॉल शामिल हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स बोले, 'उन्हें साउथ ईरान के गर्ल्स स्कूल को निशाना बनाकर किए गए अटैक की खबरों की जानकारी मिली है। वे इन खबरों को गंभीरता से ले रहे हैं और इनकी जांच कर रहे हैं।' हॉकिन्स ने आगे कहा कि अमेरिका की आर्मी अनजाने में होने वाले नुकसान के रिस्क को कम करने के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरतना जारी रखेगी। अमेरिका नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है।
अमेरिकी और इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए मिसाइल अटैक के बाद दुबई हवाई अड्डे से उड़ाने रद्द होने से भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई हैं। सिंधु, दुबई होते हुए ऑल इंग्लैंड ओपन के लिए बर्मिंघम जा रही थीं, जो मंगलवार से शुरू होगा।
इजरायल और ईरान के बीच गोलीबारी के दौरान जॉर्डन की आर्मी ने देश को निशाना बनाकर दागे गए 49 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। जॉर्डन ने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और दर्जनों ड्रोनों को नष्ट कर दिया। आर्मी का कहना है कि अटैक से कई इलाकों को नुकसान हुआ है, लेकिन किसी के जखमी होने की कोई खबर नहीं है।
इजरायली सेना के मुताबिक, उन्होंने सेंट्रल ईरान में स्थित ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए एक बार फिर नया हमला किया है। इससे पहले इजरायल दिन भर ईरानी ठिकानों पर हमले करता रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बताया, 'आज दोपहर इजरायली विदेश मंत्री Gideon Sa’ar से बात की। तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति के लिए भारत के आह्वान को दोहराया।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत हुई। ईरान और क्षेत्र में हालिया घटनाक्रमों पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की।'
यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि 27 देशों का यह गुट सोमवार को मिडिल-ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक करेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा, 'क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए यह अहम है कि ईरान की तरफ से क्षेत्र में साझेदारों पर किए जा रहे अनुचित हमलों की वजह से स्थिति और न बिगड़े।'
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन ने ईरान पर हमले में भाग नहीं लिया, लेकिन उसके विमानों ने क्षेत्र में ब्रिटेन के लोगों और सहयोगियों को हवाई सुरक्षा दी। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई की आलोचना की, जिसमें मध्य-पूर्व के कई सहयोगियों पर अटैक शामिल थे।
कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी का कहना है कि एक ड्रोन ने राजधानी के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिसमें कई कर्मचारी जख्मी गए हैं। इससे काफी नुकसान हुआ है। प्रवक्ता अब्दुल्ला राजही ने बताया कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। मरम्मत का कार्य जारी है। यहां आपातकालीन उपाय किए जा रहे हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
पाकिस्तान ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले की निंदा की है। साथ ही, पाकिस्तान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर और UAE पर ईरान के जवाबी हमलों की भी आलोचना की। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक स्टेटमेंट में कहा कि ईरान पर अटैक ऐसे वक्त में हुए हैं जब शांतिपूर्ण और बातचीत के जरिए हल तक पहुंचने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं।
ईरान की तरफ से सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की। इसमें अल-सिसी ने सऊदी अरब के प्रति एकजुटता व्यक्त की। साथ ही, इलाके में तनाव को रोकने की कोशिशों को तेज करने के महत्व पर जोर दिया।
वर्जीनिया से अमेरिकी सीनेटर टिम केन ने अमेरिका की ईरान में कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में दशकों से चले आ रहे अमेरिकी दखल और मध्य पूर्व में अंतहीन युद्धों से कुछ सीखा। महीनों से मैं ये कह रहा हूं कि अमेरिकी जनता कम कीमतें चाहती है, न कि और युद्ध, खासकर ऐसी जंग जिसका कोई स्पष्ट उद्देश्य नहीं है।
इजराइल के प्रधानमंत्री ऑफिस ने एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें बेंजामिन नेतन्याहू फोन पर बात करते हुए दिख रहे हैं। इस फोटो के साथ लिखा गया कि नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात कर रहे थे।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने कई अरब देशों के खिलाफ ईरान के हमले की कड़ी निंदा की है। लीग के जनरल सेक्रेटेरिएट की तरफ से जारी एक बयान में शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा ने हमले की निंदा की और इसे धार्मिक मूल्यों के साथ-साथ इंटरनेशनल और मानवीय कानूनों और नियमों के खिलाफ एक खुला हमला बताया। उन्होंने आगे इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपने सभी हिस्सों से, ऐसी हरकतों का सख्ती से सामना करने की अपील की।
ईरान के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख शहर शिराज के आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान में एक बार फिर से हमला हुआ है। यहां कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने की आशंका है।
इजरायली सेना की तरफ से कहा गया कि इजरायल एयरफोर्स ने नया मिसाइल अटैक शुरू किया है। इसमें ईरान के मिसाइल लॉन्च करने वाले ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान ने पिछले कुछ घंटों में कई पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागी हैं। इस दौरान इजरायल के अलावा अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
कुवैत में सिविल एविएशन की जनरल अथॉरिटी के अनुसार, एक ड्रोन ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया, जिससे कई कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। इसके साथ ही पैसेंजर बिल्डिंग को थोड़ा नुकसान हुआ। आधिकारिक प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजी ने कहा कि अधिकारियों ने तुरंत इमरजेंसी प्रोसीजर शुरू किए, घटना को संभाला गया और साइट को सुरक्षित कर लिया गया।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, "मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रम पर कनाडा का नजरिया साफ है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता और आतंक का मुख्य सोर्स है। इसका मानवाधिकार रिकॉर्ड दुनिया के सबसे खराब रिकॉर्ड में से एक है और इसे कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने या विकसित करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। कनाडा और हमारे अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों ने लगातार ईरानी सरकार से अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करने की अपील की है, जिसमें कनानास्किस में जी7 समिट और पिछले सितंबर में संयुक्त राष्ट्र द्वारा फिर से बैन लगाना शामिल है।"
दुबई में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है। इसके साथ ही धुएं का गुबार भी देखा जा सकता है। शहर के पाम आइलैंड इलाके में धुएं और आग का गुबार देखा जा सकता है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई थोड़ी देर में लोगों को संबोधित करने वाले हैं। ईरान की अल-आलम टीवी ने यह जानकारी दी है। खामेनेई के मारे जाने की अफवाह भी सामने आई थी, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार ईरान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से सिराज में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है। इस बीच चीन और रूस जैसे देशों ने ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही है। कई देशों ने युद्ध रोकने और बातचीत से मामला सुलझाने की अपील की है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान-इजरायल युद्ध पर गहरी चिंता जताई है और तुरंत सीजफायर करने की अपील की है। इसने कहा कि ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और सभी पक्षों से आगे तनाव बढ़ने से बचने और बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की।
भारत ने युद्ध रोकने और बातचीत से मुद्दा सुलझाने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं। तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। इस इलाके में हमारे मिशन भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सही सलाह जारी करके सतर्क रहने, मिशन के संपर्क में रहने और लोकल सुरक्षा गाइडलाइंस को मानने के लिए कहा है।
होर्मोजगन मेडिकल साइंस के मुखिया के अनुसार दक्षिणी ईरान के होर्मोजगन प्रांत में मिनाब और जस्क पर हुए हमलों में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं और 90 से ज्यादा घायल हुए हैं। सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी है। इससे पहले 50 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई थी। हालांकि, अब तक मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे एक सुरक्षित देश चाहिए, और हमें वही मिलेगा। मैं बस लोगों के लिए आजादी चाहता हूं।" ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के शहर मिनाब में लड़कियों के एक एलिमेंट्री स्कूल पर हुए हमले में 50 से ज्यादा लोग मारे गए। इनमें अधिकतर लड़कियां हैं।
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए तुर्की ने मध्यस्था का प्रस्ताव रखा है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर उकसावे की निंदा की है, जिससे आगे मिलिट्री तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने सभी पार्टियों से तुरंत हमले रोकने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बीच-बचाव की कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार है।
ईरान के रक्षा मंत्री की मौत का दावा किया गया है। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अजीज नासिरजादेह की मौत का दावा किया गया है। हालांकि, अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीच ईरान ने कतर में कई मिसाइलें दागी हैं, जिनको हवा में ही रोक दिया गया।
ईरान की तरफ से कहा गया है अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इरजायल पर हमले जारी रहेंगे। इसके साथ ही ईरान की सरकार स्थानीय लोगों को यह यकीन दिलाने में लगी है कि हमले की पहली लहर को रोक लिया गया है। सरकार ने लोगों को एक शहर से दूसरे शहर जाने की अनुमति दे दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल लोगों की तरफ से किसी तरह की बगावत के आसार नहीं दिख रहे हैं।
इजरायल की एयरफोर्स ने कहा कि कुछ समय पहले, ईरान से इजराइल की ओर मिसाइलें लॉन्च की गई थीं। डिफेंस सिस्टम खतरे को रोकने के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में, होम फ्रंट कमांड ने संबंधित इलाकों में मोबाइल फोन पर सीधे एक शुरुआती निर्देश जारी किया है। लोगों से रिक्वेस्ट है कि वे जिम्मेदारी लें और निर्देशों के अनुसार काम करें। इससे जानें बचती हैं। अलर्ट मिलने पर सुरक्षित जगहों में जाना चाहिए, और नई घोषणा होने तक वहीं रहना चाहिए। सुरक्षित जगह से बाहर निकलने की इजाजत तभी दी जाएगी जब साफ निर्देश मिलेगा। होम फ्रंट कमांड के निर्देशों के अनुसार काम करें।
ईरान ने ट्रंप को बड़ी धमकी देते हुए कहा कि अब तक उन्होंने उन्हीं मिसाइलों से हमले किए हैं, जिन्हें दुनिया ने देखा था। अब वह उन हथियारों का इस्तेमाल करेंगे, जिनके बारे में दुनिया को कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। ईरान ने इजरायल पर भी दोबारा कई मिसाइलें दागी हैं।
ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सरकार ने शनिवार को कई टारगेट पर अपने हमलों की पुष्टि की, जिनमें बहरीन, कुवैत, कतर और यूनाइटेड अरब अमीरात शामिल हैं। इन सभी जगहों पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, ईरान की अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया और इनसे अब तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।
ईरान की तरफ से लगातार पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। ऐसे में दुबई एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यूएई के अलावा कई अन्य देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्र में विमानों का संचालन रोक दिया है, ताकि किसी भी तरह के हादसे को टाला जा सके।
कुवैत की तरफ से बताया गया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। ईरान की तरफ से कुवैत समेत आठ देशों पर हमले की जानकारी दी गई थी। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, कर्नल स्टाफ सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बयान में कहा, “अली अल-सलेम एयर बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ। सुबह, कुवैती एयर डिफेंस फोर्स ने उन्हें सफलतापूर्वक रोक लिया, जिसके कारण इंटरसेप्शन ऑपरेशन के टुकड़े और मलबा बेस के आस-पास गिर गए।”
कतर और सऊदी अरब ने तनाव रोकने पर जोर दिया है। दोनों देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। ऐसे में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने बाचतीत के दौरान तुरंत तनाव रोकने की बात कही। इस बीच अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले जारी हैं।
यूएई के दुबई में बुर्ज खलीफा को खाली कराए जाने की खबर है। दुनिया की सबसे बड़ी इमारतों में से एक बुर्ज खलीफा पर हमला होने का डर है। इसी वजह से इस इमारत को खाली कराया जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
बहरीन के गृह मंत्रालय का कहना है कि पूरे देश में सायरन बज रहे हैं। इससे पहले ईरान की तरफ से बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के कई वीडियो जारी किए गए थे। बहरीन ने भी मिसाइल हमले की बात स्वीकारी है। हालांकि, इसके साथ ही दावा किया है कि अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया।
इजराइल ने सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है, स्कूल और कार्यस्थल बंद कर दिए हैं और अस्पताल के मरीजों को भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने देश भर में आपातकाल की घोषणा की और जनता को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी दी। पुलिस ने सुरक्षा और आपातकालीन वाहनों को सुचारू रूप से आवागमन की अनुमति देने के लिए गैर-जरूरी यात्रा न करने का आग्रह किया।
ईरान पर इजरायल और ईरान के हमले के बाद उपजी तनाव की स्थिति में अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर आज बंद रहेगा। मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी बयान में कहा गया, 'मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति के मद्देनज़र और राष्ट्रीय सुरक्षा की सलाह के अनुसार, अबू धाबी का BAPS हिंदू मंदिर आज के शेष समय के लिए सुरक्षा कारणों से बंद रहेगा। सभी की सुरक्षा और भलाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी के बीच समझ और शांति बनी रहे, और संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन का पालन करते रहें। आगे की जानकारी उपयुक्त समय पर साझा की जाएगी।'
भारत में ईरानी दूतावास ने शनिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि इज़राइल और अमेरिका की "निंदनीय" मांगों के तहत हथियार डालने या आत्मसमर्पण करने का कोई सवाल ही नहीं है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आज देश पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया जिन्हें देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने बहुत कुशलता से रोका और कई मिसाइलों को मार गिराया। बयान में कहा गया कि हालांकि कुछ मिसाइल के टुकड़े एक आवासीय क्षेत्र में गिर गए, जिससे कुछ संपत्तियों को नुकसान हुआ और एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई।
रूस के विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे के पीछे 'छिपकर' शासन परिवर्तन की दिशा में काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि ये हमले क्षेत्र में 'मानवता, आर्थिक और संभवतः रेडियोलॉजिकल आपदा' को जन्म दे सकते हैं। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका तथा इजरायल को 'मध्य पूर्व को अनियंत्रित संघर्ष की खाई में धकेलने' का दोषी ठहराया।
संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी मिसाइलों की नई लहर को "सफलतापूर्वक" रोकने की घोषणा की। बता दें कि थोड़ी देर पहले ही ईरान ने यूएई पर दोबारा से मिसाइलों से हमला किया था।
अमेरिकी और इजरायली सेना द्वारा दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर किए गए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से एपी ने दी है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए इसे 'पूर्व नियोजित और बिना उकसावे के की गई सशस्त्र आक्रामकता' बताया है।
राष्ट्रीय संचार केंद्र (NCC) ने पुष्टि की है कि बहरीन साम्राज्य पर उसकी सीमाओं के भीतर स्थित स्थलों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर बाहरी हमले किए गए हैं। ये कार्रवाई साम्राज्य की संप्रभुता और सुरक्षा का घोर उल्लंघन है। सुरक्षा और सैन्य अधिकारियों ने तत्काल स्थापित आपातकालीन प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है और ज़मीनी स्तर पर सभी आवश्यक परिचालन उपाय कर रहे हैं। NCC ने बहरीन सरकार की ओर से इन विश्वासघाती हमलों की कड़ी निंदा की है, जो साम्राज्य की सुरक्षा और उसके नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
सरकार ने अपने सहयोगियों और साझेदारों के समन्वय से अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने और सभी आवश्यक उपाय करने के अपने पूर्ण अधिकार की पुष्टि की है। राष्ट्रीय हित और सुरक्षा की आवश्यकताओं के अनुरूप, सैन्य घटनाक्रमों के संबंध में आगे की जानकारी अधिकारियों द्वारा उचित समय पर जारी की जाएगी। राष्ट्रीय संचार केंद्र ने जनता से सतर्क रहने और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने का आह्वान किया है। एनसीसी ने सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखने और राष्ट्रीय स्थिरता को संरक्षित करने के लिए सभी से अफवाहें या अपुष्ट खबरें फैलाने से परहेज करने का आग्रह किया।
इजरायल में एक बार फिर सायरन की आवाज सुनी जा रही है। सरकार की ओर से लगातार अपने नागरिकों को बंकरों के भीतर ही रहने की सलाह दी जा रही है।
इंडिगो ने ईरान की स्थिति के मद्देनजर पश्चिम एशिया के लिए संचालित अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की।
कतर विदेश मंत्रालय ने कहा, "हम ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों द्वारा कतर की धरती को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करते हैं और इसे अपनी संप्रभुता का घोर उल्लंघन मानते हैं। कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार और हमले की प्रकृति के अनुरूप उचित तरीके से अपनी धरती को निशाना बनाए जाने का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।"
ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका और ज़ायोनी सत्ता के प्रति हमारी प्रतिक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी हार नहीं हो जाती। हमने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि वे स्थिति को हल्के में न लें।"
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट किया, "आज यूएई पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से एक स्पष्ट हमला किया गया। यूएई की वायु रक्षा प्रणालियों ने मिसाइलों का कुशलतापूर्वक सामना किया और कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया। यूएई के अधिकारियों ने एक आवासीय क्षेत्र में मिसाइल के कुछ मलबे के गिरने की घटना को भी संभाला, जिससे कुछ संपत्ति का नुकसान हुआ। गिरे हुए मलबे के कारण एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यूएई में सुरक्षा स्थिति स्थिर बनी हुई है और सभी संबंधित एजेंसियां चौबीसों घंटे घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं।"
कतर एयरवेज समूह ने कतर के हवाई क्षेत्र को बंद किए जाने के कारण दोहा से आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की पुष्टि की है। एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए सरकारी हितधारकों और संबंधित प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम कर रही है और हवाई क्षेत्र दोबारा खुलते ही परिचालन फिर से शुरू किया जाएगा। सामान्य सेवाएं बहाल होने के बाद उड़ान समय-सारिणी में देरी की आशंका जताई गई है। यात्रियों की मदद के लिए Hamad International Airport सहित अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर अतिरिक्त ग्राउंड स्टाफ तैनात किया गया है। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। अधिक जानकारी के लिए यात्री कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या सोशल मीडिया मंच पर संपर्क कर सकते हैं। मीडिया के लिए विशेष संपर्क नंबर भी जारी किया गया है।
ईरान द्वारा कतर की ओर मिसाइलें दागे जाने के बाद दोहा के बरवा के पास घना धुआं उठता दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में दोहा में कई जोरदार धमाकों के बाद धुआं उठता हुआ दिख रहा है, जबकि कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान की सभी मिसाइलों को रोक दिया गया है।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर की राजधानी दोहा में नए विस्फोटों की खबर मिली है। यह घटना कतर के रक्षा मंत्रालय द्वारा यह कहने के कुछ ही समय बाद हुई है कि उसने हमलों की "दूसरी लहर" में देश को निशाना बनाने वाली सभी मिसाइलों को मार गिराया है।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने कहा है कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद गिरे छर्रों से एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
अमेरिका और इजरायल के द्वारा ईरान पर लगातार हमला जारी है। इस हमले में ईरान के मिनाब शहर में मैदान में खेल रही 5 स्कूल छात्राओं की मौत हो गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान की जनता से अपने देश की सरकार को “अपने हाथ में लेने” की अपील की। उन्होंने कहा, “अपनी सरकार अपने कब्जे में ले लीजिए यह आपकी ही होगी।” राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि इज़राइल द्वारा हमले शुरू किए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान में “बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान” शुरू कर दिए हैं। उन्होंने ईरान पर किए गए हमलों को “एक महान मिशन” बताते हुए कहा कि यह कदम ईरान के परमाणु हथियार और ऐसी मिसाइल प्रणालियों के विकास के कारण आवश्यक था, जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों से “हथियार डालने” की अपील की और चेतावनी दी कि अन्यथा उन्हें “निश्चित मौत” का सामना करना पड़ेगा।
इजरायली रक्षा विभाग (आईडीएफ) ने हाल ही में ईरान से इज़राइल की सीमा की ओर मिसाइलें दागे जाने की जानकारी दी है। रक्षा प्रणालियां इस खतरे को रोकने के लिए काम कर रही हैं। हाल ही में, गृह मोर्चा कमान ने संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर अग्रिम चेतावनी भेजी है। जनता से जिम्मेदारी दिखाने और दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है। आईडीएफ ने कहा है कि चेतावनी मिलते ही आपको संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश करना होगा और अगली सूचना तक वहीं रहना होगा। संरक्षित क्षेत्र से बाहर निकलना केवल स्पष्ट निर्देश प्राप्त होने के बाद ही संभव होगा। आपको गृह मोर्चा कमान के निर्देशों का पालन करना जारी रखना होगा।
शनिवार को कतर में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जब ईरान ने इस्लामिक गणराज्य को निशाना बनाकर चलाए गए संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली अभियान के जवाब में पलटवार शुरू किया। हालांकि, तत्काल किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। ईरान ने पिछले कई महीनों से दी जा रही अपनी चेतावनियों के अनुरूप प्रतिक्रिया दी। पहले उसने इज़राइल की ओर मिसाइलों और ड्रोन की एक लहर दागी। इसके बाद उसने कथित तौर पर कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया, जहां धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
संयुक्त राज्य अमेरिका के मिशन ने संयुक्त अरब अमीरात में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अबू धाबी स्थित अमेरिकी दूतावास और दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर रहने के निर्देश दिए हैं। मिशन ने लोगों से शरण लेकर सुरक्षित स्थान पर रहने और आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार रखने को कहा है। साथ ही अमेरिकी नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किए गए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में विकसित हो रही सुरक्षा परिस्थितियों के मद्देनज़र उठाया गया है।
जॉर्डन की सेना ने कहा है कि उसने देश को निशाना बनाकर दागी गई दो मिसाइलों को मार गिराया है।
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि आज संयुक्त अरब अमीरात पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों द्वारा एक स्पष्ट हमला किया गया, जिसका संयुक्त अरब अमीरात की वायु रक्षा प्रणाली ने उच्च दक्षता के साथ जवाब दिया और कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका और इजराइल के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश इन हमलों का जवाब देने में ''संकोच नहीं करेगा''। मंत्रालय ने 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, ''मातृभूमि की रक्षा करने और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करने का समय आ गया है।''
बहरीन ने शनिवार को कहा कि देश में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया है। बहरीन ने हालांकि हमले के बारे में तत्काल कोई अन्य जानकारी नहीं दी। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया, जिसमें पहला स्पष्ट हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। ईरानी मीडिया ने देशभर में हुए हमलों की खबर दी है। टेलीविजन चैनल द्वारा प्रसारित वीडियो में राजधानी तेहरान से धुआं उठता हुआ देखा जा सकता है।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में उत्पन्न हो रही स्थिति को देखते हुए, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम की ओर जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें स्थगित कर दी हैं। हमारे यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं और आवश्यकतानुसार अपनी परिचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा और समायोजन करेंगे। हमारी टीमें प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं। प्रभावित यात्रियों को उनके पंजीकृत संपर्क विवरण पर सीधे सूचित किया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे airindiaexpress.com पर अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और सुनिश्चित करें कि उनकी संपर्क जानकारी अद्यतन है। प्रभावित उड़ानों में बदलाव और रद्द करने संबंधी छूट के लिए, यात्री हमारी वेबसाइट के 'मैनेज बुकिंग' अनुभाग पर जा सकते हैं या +91 6360012345 पर व्हाट्सएप पर टिया से चैट कर सकते हैं। इस समय में हमारे यात्रियों के धैर्य और सहयोग के लिए हम आभारी हैं।
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय सुरक्षा में तेजी से हो रहे बदलावों के मद्देनजर, उड़ानों और विमान चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यूएई के क्षेत्र की रक्षा करने के उद्देश्य से असाधारण एहतियाती उपाय के रूप में, संयुक्त अरब अमीरात के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (जीसीएए) ने की है।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप शनिवार सुबह फिर से राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट में संबोधन का समय नहीं बताया गया है। वाशिंगटन डी.सी. में अभी सुबह के लगभग 5 बज रहे हैं।
फ़िलिस्तीन में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने कहा है कि क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए, फ़िलिस्तीन में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रक्रियाओं का पालन करें। कृपया सावधानी बरतें और अनावश्यक आवागमन से बचें।
क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र कतर नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने कतर में सभी हवाई यातायात को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। गल्फ न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एयरलाइंस और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों की जांच करें और विमानन अधिकारियों द्वारा जारी किसी भी निर्देश का पालन करें।
इजरायली सेना का कहना है कि वह ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमला कर रही है। आज सुबह से ही ईरान में इजरायल की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं। इजरायल ने ईरान में कई अहम ठिकानों पर हमला किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अबू धाबी में एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई है। ईरान लगातार यूएई पर जबावी कार्रवाई कर रहा है। ईरान के जवाबी हमले के बाद यूएई ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया है।
ईरान की जवाबी बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायल में हाहाकार मचा दिया है। ईरान के हमले के बाद गगनचुंबी इमारतों से ऊंचा धुआं उठते देखा जा रहा है।
ईरान के जवाबी हमले के बाद यूएई ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। ईरान लगातार क्षेत्रीय देशों में स्थित अमेरिका के आर्मी बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बना रहा है।
ईरान के हमले से बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस बुरी तरह तबाह हो गया है। हमले का वीडियो देखकर नुकसान का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द ईरान छोड़ने का आदेश दिया है। हालांकि यह आदेश 3 दिन पहले ही दे दिया गया था, जिसमें तत्काल ईरान छोड़ने को कहा गया था। अब अगर इसके बावजूद कोई बचा हुआ है तो उसे तत्काल ईरान छोड़ने को कहा गया है।
ईरान ने इजरायल के अलावा यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया। ईरान लगातार 6 देशों पर जवाबी हमले कर रहा है।
ईरान ने बहरीन के बाद UAE के अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है। ईरान लगातार अमेरिकी बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है। ईरान ने यूएई में अमेरिका के नेवल बेस को निशाना बनाया है।
"सीज ऑफ खेबार" नाम से ईरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ यह ऑपरेशन शुरू किया है।
बहरीन में ईरान ने अमेरिका के बेस पर मिसाइल हमला किया है। इसका वीडियो सामने आया है, जिसमें बेस पर काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है।
ईरान पर हमले के लिए जा रही अमेरिका की टॉम हॉक क्रूज मिसाइल इराक में क्रैश हो गई है। इसका वीडियो भी सामने आ गया है।
ईरान और इजरायल में भीषण जंग चल रही है। पूर्वी ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने मिलकर बड़ा हवाई हमला किया है।
ईरान ने जवाबी हमले के तहत बहरीन में अमेरिका के बेस पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। ईरान क्षेत्र में लगातार अमेरिकी बेस को निशाना बना रहा है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई शुरू होने के बाद कतर से अमेरिकी बेस को खाली कराया गया है। यहां से करीब 1000 सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया गया है।
इजरायल और अमेरिकी ने ईरान के तबरीज एयरपोर्ट को निशाना बनाया है। इजरायल और अमेरिका ईरान में लगातार संयुक्त ऑपरेशन कर रहे हैं।
ईरान अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों पर लगातार जवाबी हमले कर रहा है। ईरान लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है।
इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया है। यह वही चाबहार पोर्ट है जिसको लेकर भारत और ईरान में करार हुआ था।
ईरान के जवाबी हमले शुरू होने के बाद इजरायल भर में सायरन की आवाज सुनाई दे रही है।
यमन और लेबनान से हूतिये और हिजबुल्लाह भी लगातार इजरायल पर हमले कर रहे हैं। ईरान भी ताबड़तोड़ पलटवार कर रहा है।
ईरान ने जवाबी हमला शुरू कर दिया है। इसके बाद इजरायल के येरूशलम में ब्लास्ट की लगातार आवाजें आ रही हैं। लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई दे रही है।
ईरान के साथ यमन के हूतिये और लेबनान का हिजबुल्लाह भी जंग में कूदा। इजरायल पर कर रहे संयुक्त हमले।
ईरान के साथ जंग में हिजबुल्ला भी कूद गया है। इजरायल पर हिजबुल्लाह जवाबी हमले कर रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के आदेश के बाद तेहरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की दूसरी खेप भी लांच कर दी है। इसमें कम से कम 40 मिसाइलें दागी गई हैं।
इजरायल पर ईरान के जवाबी हमले के बाद बज रहे सायरन। कई जगहों पर धुआं उठता हुआ दिख रहा है।
इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान के प्रमुख समाचार प्लेटफॉर्म IRNA और ISNA को हैक कर लिया गया है।
नेतन्याहू ने कहा, मेरे भाइयो और बहनों, इज़राइल के नागरिकों, केवल एक घंटा पहले, इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के आतंकवादी शासन द्वारा उत्पन्न अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। मैं हमारे महान मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूं। 47 वर्षों से आयतुल्लाहों का शासन "इज़राइल मुर्दाबाद", "अमेरिका मुर्दाबाद" का नारा लगा रहा है। इसने हमारा खून बहाया है, कई अमेरिकियों की हत्या की है, और अपने ही लोगों का नरसंहार किया है।
इस हत्यारे आतंकवादी शासन को परमाणु हथियारों से लैस नहीं होने दिया जाना चाहिए, जो इसे पूरी मानवता को धमकी देने में सक्षम बना देगा। हमारा संयुक्त अभियान ईरान के बहादुर लोगों के लिए अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने की परिस्थितियाँ तैयार करेगा। ईरान के सभी हिस्सों—फारसी, कुर्द, अज़ेरी, बलूच और अहवाज़ी—के लिए अब समय आ गया है कि वे अत्याचार की जंजीरें तोड़ दें और ईरान में स्वतंत्रता तथा शांति-प्रेमी मूल्यों को स्थापित करें।मैं आपसे, इज़राइल के नागरिकों से, आग्रह करता हूँ कि होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें। आने वाले दिनों में, अभियान "Operation "Lion's Roar" के दौरान, हम सभी को धैर्य और आत्मिक शक्ति दिखानी होगी। हम साथ खड़े होंगे, साथ लड़ेंगे, और साथ मिलकर इज़राइल की शाश्वतता सुनिश्चित करेंगे।
ईरान ने जवाबी हमले का "फतेह खैबर" नाम दिया। ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल हमले कर रहा है। इजरायल का आयरन डोम सक्रिय कर दिया गया है।
फारस की खाड़ी में रहने वाले ईरानियों के लिए आपातकालीन चेतावनी जारी हुई है। इसमें कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, बहरीन और जॉर्डन में रहने वाले ईरानी नागरिक जो अभी तक इन देशों से नहीं निकल पाए हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द इन देशों की सीमा छोड़ दें। यदि निकलना संभव न हो, तो किसी भी सैन्य अड्डे, होटल, बंदरगाह, व्यावसायिक परिसर या संयुक्त राज्य अमेरिका से संबंधित किसी भी स्थान के पास जाने से बचें और सभी गैर-जरूरी यात्राओं को कम से कम करें।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई को मारे जाने का दावा किया गया है। उन्होंने हजारों प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा सुनाई थी।
ईरान का जवाबी हमला लगातार जारी है। अब तक 30 से ज्यादा मिसाइलें इजरायल पर दाग चुका है।
ईरान के जवाबी हमले से इजरायल में हड़कंप मच गया है। पूर देश में हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।
ईरान ने इजरायल पर मिसाइल दागकर जवाबी हमला शुरू कर दिया है। ईरान ने एक साथ कई जवाबी मिसाइलें दागी हैं। इस दौरान ईरान ने 30 से ज्यादा जवाबी मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया है।
इजरायल और अमेरिका के अटैक के बाद अब ईरान ने इजरायल पर जवाबी हमला शुरू कर दिया है।
हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह से नष्ट कर देंगे। यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा।
अमेरिका ने कहा कि ईरान पर अगले 4 दिनों तक लगातार हमला करेंगे। इससे साफ है कि जंग लंबी खिंचेगी।
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के बुशहर शहर पर भी हमला किया है।
ईरान पर हमले के बाद इजरायल में इमरजेंसी घोषित होते ही लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया गया है। लोगों को बंकरों में रहने को कहा गया है।
ईरान के निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने तेहरान पर हमले के बाद पहला बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा ईरान के बहादुर लोगों को वादा की गई सहायता अब पहुंच चुकी है। यह एक मानवीय हस्तक्षेप है और इसका निशाना इस्लामी गणराज्य, उसकी दमनकारी मशीनरी और उसकी हत्या की मशीन है न कि ईरान देश और ईरान की महान राष्ट्र। हालांकि इस सहायता के बावजूद अंतिम विजय अभी भी हम ही हासिल करेंगे। हम ईरान का राष्ट्र ही हैं जो इस अंतिम संघर्ष में काम को पूरा करेंगे। सड़कों पर लौटने का समय निकट आ गया है। सतर्क और तैयार रहें। मैं उचित समय पर आपको सूचना दूंगा। हम अंतिम विजय के बहुत करीब हैं। मैं जितनी जल्दी हो सके आपके साथ होना चाहता हूँ, ताकि हम मिलकर ईरान को वापस ले सकें और इसे पुनर्निर्मित कर सकें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि ईरान में सैन्य अभियान शुरू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक आपातकालीन वीडियो संदेश में कहा, “वे बेहद क्रूर और भयानक लोगों का एक क्रूर समूह हैं।” आठ मिनट के अपने संदेश में उन्होंने कहा, “यह आतंकवादी शासन कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।” ट्रंप ने आगे कहा, “इसकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में स्थित हमारे ठिकानों और दुनिया भर में हमारे सहयोगियों के लिए खतरा हैं।”
इजरायली मीडिया का दावा है कि ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ अमीर हतामी की मृत्यु हो गई है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को चुनौती देने वाले को यही परिणाम होता है। अब हमने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने दिखाया है कि आतंक कभी जीत नहीं सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमारी बात नहीं मानी। इसलिए हमला ही विकल्प था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी परमाणु संपन्न देश नहीं बनने देंगे। अब खामेनेई हथियार डालें या फिर मौत का सामना करें। ईरान ने कभी नहीं कहा कि हम परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। हमने उनको कई मौका दिया।
ईरान पर हमले के बाद ट्रंप का पहला बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमें खतरे को खत्म करना है। ऑपरेशन शुरू हो गया गया है और अभी ये जारी रहेगा।
अमेरिका की क्रूज मिसाइल इराक के ऊपर से होकर गुजरी है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सुरक्षित हैं। यह दावा ईरान की ओर से किया गया है।
ईरान में सत्ता बदलने के लिए अमेरिका और इजरायल ने यह हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। वह लगातार ईरान पर हमले की धमकियां दे रहे थे।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम कमांडर आमिर हतामी के मारे जाने का दावा किया गया है। अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इससे ईरान को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
इजरायल ने ईरान पर हमले को 'शील्ड ऑफ जुदाह' नाम दिया है। इजरायल और अमेरका अभी आगे भी हमले जारी रख सकते हैं।
हमले के बाद ईरान का एयरस्पेस बंद किया गया। ईरान के फाइटर जेट जवाबी कार्रवाई को निकले।
इजरायल और अमेरिका ने लगातार 2 महीने तक ईरान पर हमले की प्लानिंग की। इसके बाद पिछले 4 दिनों ईरान पर हमले के लिए फाइनल टारगेट को लांच किया गया।
इजरायल और अमेरिका को ईरान ने बड़ी धमकी दी है। ईरान ने कहा है कि इजरायल और अमेरिका को इसका अंजाम भुगतना होगा।
इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है। इसमें ईरान के प्रमुख मिलिट्री ठिकाने तबाह हो गए हैं।
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया है। इसमें ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकाने शामिल हैं। ईरान के मिसाइल कार्यक्रमों को भी निशाना बनाया गया है।
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान का बड़ा मिलिट्री कमांडर मारा गया है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले सामने आ रही है। हमले के बाद ईरान में हाहाकार मच गया है।
इजरायल और अमेरिका ने ईरान में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और सुप्रीम लीडर खामेनेई के घर को हमले में उड़ा दिया। इन दोनों नेताओं की हत्या का प्रयास किया गया। हालांकि दावा किया जा रहा है कि मसूद पेजेश्कियन और खामेनेई सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिए गए हैं।
ईरान पर हमले के दौरान राष्ट्रपति डा. मसूद पेजेश्कियन की हत्या करने की कोशिश की गई।
हमले के बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिका को बड़ी धमकी दी है। ईरान ने कहा है कि जंग तुमने शुरू की है और खत्म हम करेंगे।
अमेरिका और इजरायल ने हमले के दौरान खामेनेई के दफ्तर को भी निशाना बनाया है। इस दौरान एक साथ 30 प्रमुख जगहों पर हमला किया गया।
अमेरिका के फाइटर जेट एफ-22 रैप्टॉर ने ईरान पर हुए हमले में इजरायल के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की।
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए बड़े मिसाइल हमले के बाद पूरे ईरान में हाहाकार मच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट किए जाने की खबर सामने आ रही है।
संपादक की पसंद